गोपालगंज के कुचायकोट में पिता-पुत्री की हत्या मामले में दो आरोपित गिरफ्तार

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गोपालपुर थाना क्षेत्र के राजापुर गांव में शनिवार की सुबह अपनी दुकान से घर लौट रहे शिक्षा विभाग के सेवानिवृत लिपिक की हत्या मामले में पुलिस ने दो आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद पुलिस राजापुर बाजार में कैंप कर रही है। बताया जाता है कि राजापुर गांव निवासी बद्री ठाकुर अपनी राजापुर बाजार स्थित दुकान से पुत्री सरोज देवी के साथ पैदल टहलते हुए गांव की ओर जा रहे थे। इसी बीच बाइक सवार दो अपराधी बद्री ठाकुर के पास पहुंच कर उनपर गोली चलाना शुरू कर दिया। इस घटना के में बद्री ठाकुर की मौत हो हुई। वहीं उनकी पुत्री सरोज देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद सदर एसडीपीओ नरेश पासवान सदर अस्पताल पहुंच कर घटना की जानकारी लेने के बाद तत्काल छापेमारी अभियान शुरू किया। पुलिस ने इस हत्याकांड में संलिप्तता के आधार पर वीरन राम व गौतम ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की सुबह करीब छह बजकर तीस मिनट पर अपराधियों की गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने अपने घरो से बाहर निकले। तबतक गोली चलाते हुए अपराधी भाग निकले।

मार-मार कह अपराधियों ने सेवानिवृत लिपिक को मारी गोली:

गोली बारी की घटना में गंभीर रूप से घायल सरोज देवी ने पुलिस को बताया कि उनके पिता साथ में पैदल ही दुकान से घर की तरफ जा रहे थे। इस दौरान बाइक पर सवार दो अपराधी उनके पास पहुंच कर मार-मार कहते हुए गोली चलाने लगे। इस बीच वह अपने पिता को बचाने के लिए अपराधियों से उलझ गई। लेकिन, अपराधियों ने उनपर भी गोली चला दी। इससे वह घायल हो गई।

घटनास्थल से पुलिस ने तीन खोखा किया बरामद:

गोपालपुर थाना क्षेत्र के राजापुर बाजार के पास शनिवार की सुबह हुई गोलीबारी मामले में पुलिस छानबीन शुरू कर दी है। इस दौरान पुलिस ने घटनास्थल से तीन फायर बुलेट बरामद किया है। बताया जाता है कि फायर बुलेट 315 बोर की राइफल की है। थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है। पूरा मामला जमीन विवाद से संबंधित है। पुलिस तह तक पहुंचने में लगी है।

कुचायकोट: 15 साल बाद फिर सामूहिक हत्या का गवाह बना राजापुर बाजार

कई हत्याकांड का गवाह बन चुका है राजापुर:

जिले के सीमावर्ती उत्तरी हिस्से में स्थित गोपालपुर थाना क्षेत्र का राजापुर बाजार शनिवार की सुबह एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। इस गोलीकांड में जहां एक वृद्ध पिता की मौत हो गई। वहीं इस घटना की दूसरी पीड़ित महिला अभी जीवन और मौत से जूझ रही है। शनिवार को राजापुर बाजार में हुए गोलीकांड के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। वैसे भी गोपालपुर थाना से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित राजापुर बाजार में खून खराबे की घटना कोई नयी नहीं है। पूर्व में भी यहां गोलीबारी और खून खराबे की कई घटनाएं हो चुकी हैं।

वर्ष 1987 में राजापुर बाजार के पास गंडक नहर के किनारे गोपालपुर थाना क्षेत्र के ही टोला पलट नाराहवां गांव निवासी अनिरुद्ध राय की कुल्हाड़ी से काट कर हत्या कर दी गई थी। इसके कुछ समय बाद ही बाजार में होटल का व्यवसाय करने वाले टेंगरी प्रसाद की हत्या राजापुर बाजार से कुछ ही दूरी पर अपराधियों द्वारा की गई थी। गोपालपुर थाना क्षेत्र से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित इस बाजार मैं वैसे तो कोई विवाद या कानून व्यवस्था की समस्या कभी नहीं रहती पर समय-समय पर होने वाली हत्याएं इस बाजार को हमेशा से चर्चा में रखती हैं। वर्ष 2005 में 5 मई को राजापुर गांव में हुए तिहरे हत्याकांड ने इस बाजार को एक बार फिर चर्चा में ला दिया था। पांच मई की रात इस गांव के सूरज राय और चंद्रमा राय के साथ ही 3 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अभी पिछले वर्ष 28 नवंबर की सुबह राजापुर बाजार में ही गंडक नहर के किनारे चाय की दुकान पर अपराधियों ने विधायक अमरेंद्र कुमार पाण्डेय के बेहद नजदीकी समर्थकों देवेंद्र पांण्डेय और पंचायत समिति सदस्य के पति पप्पू पाण्डेय को गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। अभी लोग इस मामले को भूले भी नहीं थे कि शनिवार की सुबह एक बार फिर राजापुर बाजार अपराधियों की गोलियों के तड़तड़ाहट से गूंज उठा। इस गोलीबारी में जहां वृद्ध पिता और शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी बद्री ठाकुर की मौत हो गई। वहीं उनकी बेटी सरोज देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना के बाद आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई लोग बाजार में हो रहे गोली कांड को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे।

गोपालगंज के कुचायकोट में अपराधियों ने बुजुर्ग की हत्या की; बेटी बचाने गई तो उसे भी मार दी गोली, हालत गंभीर