स्वास्थ्य समाचार: सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का किया गया वर्चुअल लोकार्पण

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सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का किया गया वर्चुअल लोकार्पण

• स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने किया वर्चुअल लोकार्पण
• केयर इंडिया के सहयोग से इमरजेंसी सेवाओं को किया गया सुदृढ़
• 37 बेड का बनाया गया है इमरजेंसी वार्ड

गोपालगंज। सदर अस्पताल में अब इमरजेंसी और एक्सिडेंटल मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करायी जायेगी। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है। सोमवार को ट्रायज एवं इमरजेंसी विभाग का स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा वर्चुअल लोकार्पण किया गया। इस मौके पर मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सेवा विस्तार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रयासरत है। इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इमरजेंसी के मरीजों को बेहतर ट्रीटमेंट उपलब्ध कराने के लिए केयर इंडिया के सहयोग से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के सहयोग था कि सदर अस्पताल की चरणबद्ध तरीके से कैसे ठीक किया जाए। जिससे सुविधाएं बेहतर हो सके। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आपातकालीन कक्ष को तीन विभिन्न कक्ष में बांटा गया है। आपातकालीन कक्ष में जाते ही सर्वप्रथम पहले से ट्रायज कक्ष है जो 2 बेड का है। रोगी को उसमें भर्ती कराना होगा और उसमें रोगी की वर्तमान स्थिति को देखा जाएगा। मरीज के स्थिति के अनुसार ग्रीन जोन, यलो जोन,एवं रेड जोन में इलाज के लिए भेजा जाएगा। रजिस्ट्रेशन कक्ष को अलग किया गया है जिसे डॉक्टर के पास भीड़ ना हो। यह वार्ड 37 बेड का बनाया गया है। सभी सुविधाएं सुनिश्चित की गयी है। साफ-सफाई का खास ख्याल रखा जायेगा। इस कार्यक्रम में सीएस डॉ वीरेंद्र प्रसाद, एसीएमओ डॉ. केके मिश्रा, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ सुषमा शरण, डीटीएल मुकेश कुमार केयर इंडिया, डीपीओ आनंद कुमार के अलावा भी स्वास्थ्य विभाग के अन्य चिकित्सा पदाधिकारी एवं अधिकारी उपस्थित थे।

सेवा भाव से करें मरीजों का उपचार:
डीएम डॉ नवल किशोर ने कहा कि इमरजेंसी में जो भी मरीज आएं उनको एक बार चेक जरूर करें। पेशेंट को लाते लाते मृत्यु हो गया हो फिर भी चेक जरूर करें। सेवाभाव से काम करें। इस वार्ड में पूरी तरह से प्रशिक्षित चिकित्सकों और नर्सों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। उनके स्किल को डेवलप किया गया है।इमरजेंसी में डॉक्यूमेंटेशन को बेहतर करने के लिए रजिस्टर को प्रिंट कराया गया है।दवा वितरण के लिए अलग कक्ष बनाया गया है। इमरजेंसी में सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है जिससे पेशेंट का केयर किया जाएगा। आपातकालीन कक्ष में मॉनिटर, ईसीजी के अलावा अन्य उपकरण भी लगाए गए हैं। पहले आपातकालीन कक्ष में अत्याधुनिक मशीन की काफी कमी थी। लेकिन अब उस कमी को काफी हद तक दूर कर लिया गया है। वही शेष मशीनों को भी लगाने के लिए प्रकिया शुरू कर दी गई है। इतना ही नहीं आपातकालीन कक्ष में अब मॉनिटर,ईसीजी मशीन व अन्य उपकरण भी लगाए गए है। इसके अलावा भी कई उपकरण लगना बाकी है। जो मरीज के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। साथ ही साथ अब आपातकालीन कक्ष में भर्ती मरीजों के पल – पल की स्तिथि का भी आकलन किया जा रहा है। जिसमे भर्ती के समय मरीज की क्या स्थिति थी और उन्हें इलाज के दौरान क्या सलाह दिया गया और कौन सी दवा दि गई? यह सब लिखा जाता है। संस्थान के चिकित्सक उनका हिस्ट्री देख कर समझ जाते है कि क्या हुआ और क्या इलाज हुआ।

मरीज के परिजनों के बैठने के लिए समुचित व्यवस्था:
सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि ट्रायज रूम के बाहर पेशेंट के गार्जियन को बैठने के लिए उत्तम व्यवस्था की गई है।स्वास्थ्य विभाग के तरफ से हर संभव ये प्रयास किया जारहा इमरजेंसी विभाग में पेशेंट को बेहतर ट्रिटमेंट किया जासके। तीन शिफ्ट में केयर इंडिया के द्वारा सफाई कर्मी एवं वार्ड बॉय की ड्यूटी लगाई गई है। जो इस कक्ष को सुरक्षित रखने के साथ-साथ मरीजों को भी बेहतर सहयोग की जा रही है। केयर के देख -रेख में संचालित आपातकालीन कक्ष में मरीज को रेफर करने से पूर्व उसे बेहतर इलाज देने व उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया जाता है। स्तिथि इतनी अच्छी हो गई है कि मरीजों को मिलने वाली सभी सुविधाए उपलब्ध कराई जा रही है जिसके कारण रेफर होने वाले मरीजों की संख्या में काफी गिरावट आई है।

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