गोपालगंज में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती, 234 वाहनों पर लगा जुर्माना और 56 वाहन जब्त

208

प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती, 234 वाहनों पर लगा जुर्माना और 56 वाहन जब्त, फिटनेस जांच के लिए लगेगा शिविर
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2021 के तहत जिला मुख्यालय गोपालगज सहित सभी प्रखण्डों में विभिन्न जागरुकता कार्यक्रमों के साथ विशेष वाहन प्रदूषण जांच एवं इंस्योरेन्स पेपर जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान करीब कुल लगभग 654 वाहनों की जांच की गई, जिसमें 234 प्रदूषण फेल वाहनों पर जुर्माना लगाया गया वही 54 वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई की गई।
परिवहन पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के तहत जागरुकता कार्यक्रमों के साथ हर दिन अलग-अलग मोटर वाहन अधिनियमों पर विशेष वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण की जांच के लिए वाहन प्रदूषण जांच केंद्र की व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से ऑन स्पॉट वाहनों के प्रदूषण की जांच कर ऑनलाइन प्रदूषण जांच सर्टिफिकेट दिया जा रहा है।

जिलों में यह अभियान जिला परिवहन पदाधिकारी, एमवीआई और ईएसआई के द्वारा चलाया गया। वाहनों के प्रदूषण जांच के लिए जगह जगह वाहन प्रदूषण जाँच केन्द्र की व्यवस्था की गई थी। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को इसके माध्यम से ऑन स्पॉट जांच की गई और जांच में मानक से अधिक प्रदूषण पाए जाने पर संबंधित वाहनों पर जुर्माना एवं जब्त करने की कार्रवाई की गई।

फिटनेस जांच के लिए विशेष शिविर:
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का फिटनेस ठीक कराने के बाद ही चलाने की दी जाएगी इजाजत। वाहनों के फिटनेस जांच के लिए वाहन प्रदूषण जाँच केन्द्र भोरे में लगया गया शिविर। भोरे में कैंप लगाकर प्रदूषण ,इंश्योरेंस, फिटनेस की जाँच किया गया । शहर के वायरलेस चौक पे मंगलवार को कैंप लगाकर सभी वाहनों की प्रदूषण जांच की गई। जिसमें वाहनों से निकलने वाले धुएं की जांच कर उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। मंगलबार को शहर में पहली बार दोपहिया / चार पहिया वाहनों की प्रदूषण जांच के लिए कैंप लगाया गया। जिसमें विशेष रूप से दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की जांच की गई और उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। MVI श्री सुनील कुमार ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत वाहनों की प्रदूषण एवं अन्य कागजात जाँच करना और जनमानस में यह सन्देस देने के लिए जगह -जगह बेनर के माध्यम से लोगो को सड़क सुरक्षा की पाठ पढ़ाने का कार्यक्रम का जिला परिवहन विभाग के द्वारा किया जाना है। जिसके आधार पर वे जांच कार्रवाई कर रहे हैं। जांच के लिए वाहन प्रदूषण जांच केंद्र वायरलेस मोड़ विजयी पुर रोड भोरे में केन्द्र बनाया गया है, उन्होंने लोगों से अपील की है कि अपने वाहनों का प्रदूषण जांच अवश्य कराएं जिससे पर्यावरण में प्रदूषण को कम किया जा सके।

क्या है प्रदूषण जांच:
वाहनों से निकलने वाले कार्बन डाईआक्साइड व अन्य हानिकारक गैसों की मात्रा की जांच की जाती है। वाहनों से निकलने वाले धुंए में इन गैसों की मात्रा 25 प्रतिशत से अधिक होने पर वाहन अधिक प्रदूषण फैलाते हैं। जिस पर निर्धारित मानक के अनुसार न होने की स्थिति में वाहनों पर चालानी कार्रवाई की जा सकती है।

कौन कर सकता है चालानी कार्रवाई:
प्रदूषण जांच के लिए भोरे में कार्यलय संचालित है, जिन्हें केवल जांच का ही अधिकार प्राप्त है और निर्धारित शुल्क लेकर वाहन चालक की सहमति से ही वे जांच कर सकते हैं। दूसरी ओर यातायात पुलिस या परिवान विभाग के सक्षम अधिकारी वाहनों की प्रदूषण जांच कर फेल होने पर उन पर चालानी कार्रवाई कर सकते हैं। प्रदूषण प्रमाण पत्र नही रहने पर 10000 रुपये की जुर्माना है।

हथुआ: पुलिस के हत्थे चढ़ा हथियारों का सप्लायर, होमियोपैथिक डॉक्टर बन छुपायी थी पहचान