गोपालगंज के भोरे में एमपी-एमएलए फंड से बनी सड़क को मनरेगा का बता किया था घोटाला, कार्यपालक अभियंता समेत नौ कर्मी सेवा से बर्खास्त

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भोरे प्रखंड की चकरवा खास पंचायत में मनरेगा में हुए घोटाले में डीडीसी सज्जन आर ने मनरेगा के कार्यपालक अभियंता, भोरे पीओ, जेइ, रोजगार सेवकों, पंचायत तकनीकी सहायकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों समेत नौ कर्मियों को बर्खास्त कर दिया है.

वहीं, गबन की गयी राशि को वसूलने के लिए सर्टिफिकेट केस करने का आदेश दिया है. धांधली में शामिल मुखिया पर भी कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है. इस घोटाले में सांसद और विधायक फंड से बनी सड़कों को मनरेगा से कार्यान्वित दिखाकर 27.42 लाख रुपये की निकासी कर ली गयी थी.

पूर्व मुखिया रामा शंकर चौरसिया की शिकायत पर ग्रामीण विकास विभाग ने जांच करायी तो पता चला कि सांसद व विधायक मद से बनी सड़क को मनरेगा से बनाने की कागज पर खानापूर्ति कर 27.42 लाख की राशि को निकाल कर हजम कर लिया गया.

कार्रवाई की पुष्टि करते हुए डीएम अरशद अजीज ने बताया कि करप्शन करने वाले चाहे जो भी होंगे, उनको किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जायेगा. अभी कई पंचायतों की जांच चल रही है. जल्दी ही कार्रवाई होगी.

चकरवां खास के मुखिया को हटाने की अनुशंसा:

चकरवा खास पंचायत के मुखिया विजय कुमार तिवारी को मनरेगा घोटाला में जांच टीम ने दोषी पाते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की. टीम की जांच रिपोर्ट आने के साथ ही डीडीसी ने पंचायती राज विभाग को मुखिया के खिलाफ कार्रवाई करने व पदमुक्त करने की अनुशंसा की है. उन्होंने सरकारी राशि नहीं लौटायी, तो उनके विरुद्ध सर्टिफिकेट केस किया जायेगा.

इन पर हुई कार्रवाई:

मनरेगा के डीआरडीए के कार्यपालक अभियंता औजैर अहमद, कनीय अभियंता जयप्रकाश चौधरी, भोरे के पीओ प्रकाश कुमार श्रीवास्तव, लेखापाल दीपक कुमार, भोरे मनरेगा के कंप्यूटर ऑपरेटर रमेश कुमार, राज रजनीश, पंचायत रोजगार सेवक चंदन प्रकाश, अनिल कुमार, पंचायत तकनीकी सहायक राजेश्वर कुमार को बर्खास्त करने का आदेश दिया गया है।

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