• सेवन करने वाले लोगों की उँगलियों पर की जाएगी मर्किंग
• मार्किंग के लिए 3208 मार्कर उपलब्ध कराया गया
• 7 से 20 नवंबर तक चलेगा अभियान
गोपालगंज/ 6 नवंबर : जिले में सात नवंबर से घर घर जाकर आशा कार्यकर्ता फाइलेरिया से बचाव की दवा लोगों को खिलायेंगी। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। प्रभारी जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. हरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि जिले में 2932437 लोगों को फाईलेरिया से बचाव की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। शत-प्रतिशत लक्षित समूह को दवा सेवन सुनिश्चित कराने के मकसद से इस बार के एमडीए कार्यक्रम में कुछ नए बदलाव किए गए हैं। अब पोलियो अभियान की तर्ज़ पर एमडीए कार्यक्रम के दौरान भी दवा सेवन करने वाले लोगों के बाएँ हाथ की तर्जनी नाखून पर मर्किंग की जाएगी।

1662 कर्मियों की टीम करेगी काम:
जिले में फाईलेरिया उन्मूलन अभियान के लिए टीम का गठन कर लिया गया है। 1662 कर्मियों की टीम बनायी गयी है। प्रत्येक दस आशा कार्यकर्ताओं पर एक सुपरवाईजर की प्रतिनियुक्ति की गयी है। प्रत्येक आशा को एक दिन करीब 50 घर में दवा खिलाने का लक्ष्य दिया गया है। सभी आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि दस बजे के बाद हीं दवा खिलाना है ताकि कोई कोई खाली पेट दवा न खाये। प्रत्येक आशा को 50 घरों में दवा खिलाने पर 600 रूपये दिया जायेगा।
मॉनिटरिंग के लिए नौ सदस्यीय टीम का गठन:
फाईलेरिया उन्मूलन अभियान का जिलास्तर से लेकर प्रखंडस्तर तक मॉनिटरिंग की जायेगी। इसके लिए नौ सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम को अलग-अलग प्रखंडों में जांच के लिए भेजा जायेगा।
सेवन करने वाले लोगों की उँगलियों पर की जाएगी मर्किंग:
अब पोलियो अभियान की तर्ज़ पर एमडीए कार्यक्रम के दौरान भी दवा सेवन करने वाले लोगों के बाएँ हाथ की तर्जनी नाखून पर मर्किंग की जाएगी। इसके लिए सभी लक्षित ज़िलों में मार्कर की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गयी है। 3208 मार्कर उपलब्ध कराया गया है।

इन लोगों को नहीं खानी है दवा:
फाइलेरिया की दवा दो साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जानी है। साथ ही गर्भवती महिलाओं व गंभीर रूप से बीमार लोगों को यह दवा नहीं खिलाया जायेगा। आवरमेटरिन दवा दो साल से कम उम्र के बच्चें को छोड़ कर सभी को उसकी लंबाई के आधार पर दिया जायेगा. अलबेंडाजोल सभी लोगों दिया जाना है. डीईसी दो साल से पांच साल की उम्र के बच्चों को एक गोली, छह साल से पंद्रह साल के बच्चों को दो गोली और सोलह साल उम्र के बच्चों व इससे अधिक उम्र वाले लोगों को तीन गोली दिया जाना है।


आशा एवं आँगनवाड़ी सेविका-सहायिका घर-घर जाकर खिलायेंगी दवा:
पीसीआई के जिला समन्वयक सुनिल अग्रवाल ने बताया कि अभियान को सफल बनाने हेतु आशा एवं आँगनवाड़ी सेविका-सहायिका घर-घर जाकर लक्षित समुदाय को फाइलेरिया की दवा खिलाएगी। साथ ही आशा एवं आंगनवाड़ी यह सुनश्चित करेंगे कि उनके सामने ही लोग दवा का सेवन करें।

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