•विशेष कार्यशाला का आयोजन कर आशाओं को दी जायेगी जानकारी
•ऑडियो व वीडियो माध्यम द्वारा किया जाएगा प्रचार-प्रसार

•घर-घर जाकर आशाएँ प्रवासी निवासियों को बताएँगी परिवार नियोजन के लाभ

गोपालगंज। त्योहारों की शुरुआत से ही राज्य के बाहर रहकर रोजगार करने वाले प्रवासी लोग वापस अपने घर लौटने लगे हैं। परिवार नियोजन के लिहाज से यह समय अत्यधिक महत्वपूर्ण होने वाला है। इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने इस अवधि के दौरान अधिक से अधिक प्रवासी लोगों को परिवार नियोजन पर जानकारी देने एवं साधनों के इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाने का फैसला लिया है। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने सभी सिविल सर्जन को पत्र लिखकर आगामी परिवार नियोजन पखवाड़े के दौरान प्रवासी लाभार्थियों को परिवार नियोजन पर अधिक जागरूक करने के संबंध में दशा निर्देश दिया है।

22 अक्टूबर से प्रशिक्षण की शुरुआत:

पत्र के माध्यम से बताया गया कि आगामी परिवार नियोजना पखवाड़ा पुरुष नसबंदी पर आधारित होगा। इसे ध्यान में रखते हुये बाहर से आए प्रवासी लाभार्थियों को परिवार नियोजन पर जागरूक किया जाएगा। जिसकी महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी आशाओं की होगी। उनके द्वारा अपने क्षेत्र में गृह भ्रमण कर लोगों को परिवार नियोजन के फायदे, परिवार नियोजन के साधनों के विषय में जानकारी के साथ उत्सुक लोगों को साधनों की उपलब्धता कराई जाएगी। इसको लेकर जिले के सभी आशाओं को प्रखंडवार प्रशिक्षण प्रदान कराया जाएगा। यह प्रशिक्षण 22 अक्टूबर से शुरू होगा जिसमें अलग-अलग बैच के माध्यम से आशाओं को प्रशिक्षण प्रदान कराया जाएगा। साथ ही कार्यशाला में आशाओं को परामर्श सामग्री का उपयोग एवं वितरण की विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी।

गृह भ्रमण कर दी जायेगी जानकारी:

परिवार नियोजन पखवाड़े के तहत दिनांक 20 नवंबर तक आशा एवं आशा फैसिलिटेटर द्वारा लक्षित प्रवासी परिवारों में गृह भ्रमण के दौरान परामर्श दिया जाएगा। इस समय दी गई परामर्श सामग्री का उपयोग करते हुए दंपतियों को परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों की जानकारी दी जाएगी।दंपतियों से बात कर उपयुक्त समय में गर्भधारण और बच्चों के बीच सही अंतराल के साथ स्वास्थ्य जीवन जीने हेतु आशाओं द्वारा परामर्श दिया जाएगा।

ऑडियो एवं वीडियो द्वारा जागरूकता पर बल:

आम लोगों को परिवार नियोजन पर जागरूक करने के लिए ऑडियो एवं वीडियो का भी सहारा लिया जाएगा। इसके लिए ‘स्वस्थय जीवन – एक महत्वपूर्ण पहल’ के नाम से विशेष जागरूकता अभियान की भी शुरुआत होगी। इसके अंतर्गत 25 से 31 अक्टूबर तक प्रवासी लक्षित परिवारों को ध्यान में रखकर परिवार नियोजन के संदेशों को माइकिंग द्वारा प्रसारित किया जाएगा। लक्षित लाभार्थियों तक सरलता पूर्वक सूचना पहुंचाने व प्रचार-प्रसार हेतु ऑडियो एवं वीडियो माध्यम का भी उपयोग किया जाएगा।

बीसीएम करेंगे पर्यवेक्षण :

22 अक्टूबर को प्रखंड स्तर पर सभी आशाओं का दो या तीन बैच में आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यशाला में बीसीएम आशाओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। साथ ही आशाओं द्वारा किए जा रहे गृह भ्रमण के दौरान परिवार नियोजन पखवाड़ा हेतु लक्षित लाभार्थियों की सूची तैयार कर संबंधित आशा फैसिलिटेटर के माध्यम से बीसीएम को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया है।