स्वास्थ्य समाचार : ‘सुरक्षित जननी, विकसित धरनी’ की थीम पर मनेगा मातृ वंदना सप्ताह

‘सुरक्षित जननी, विकसित धरनी’ की थीम पर मनेगा मातृ वंदना सप्ताह
• 2 से 8 दिसम्बर तक चलेगा सप्ताह
• सभी स्तर पर होंगे विभिन्न आयोजन
• सप्ताह के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले होंगे पुरस्कृत
गोपालगंज: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत अधिक से अधिक महिलाओं को जागरूक एवं लाभान्वित करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में 2 से 8 दिसम्बर तक राज्य में पीएमएमवीवाई सप्ताह मनाया जाएगा। इसको लेकर निदेशक आईसीडीएस आलोक कुमार ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इसके संबंध में विस्तार से दिशा निर्देश दिया है।


बेहतर प्रदर्शन करने वाले होंगे पुरस्कृत: पीएमएमवीवाई नोडल अनिता चौधरी ने बताया प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का मुख्य उद्देश्य प्रथम बार माँ बनने वाली महिलाओं को तीन क़िस्त के जरिए 5000 रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान करना है। इसके लिए राज्य के सभी जिलों में 2 से 8 दिसम्बर तक पीएमएमवीवाई सप्ताह मनाया जाएगा। ‘सुरक्षित जननी, विकसित धरनी’ की थीम पर सप्ताह मनेगा। इस दौरान अधिक से अधिक महिलाओं को योजना का लाभ देने की कोशिश भी की जाएगी। सप्ताह के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्य, जिला, परियोजना एवं क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय, राज्य, जिला एवं परियोजना स्तर पर पुरस्कृत भी किया जाएगा।


दो श्रेणियों में दिए जाएंगे पुरस्कार: जिला स्तर पर पुरस्कार का वितरण दो श्रेणियों में होगा। प्रथम श्रेणी में जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एक परियोजन के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं उनके डाटा एंट्री ऑपरेटर को पुरस्कार दिया जाएगा. जबकि दूसरे श्रेणी में प्रत्येक परियोजना से बेहतर प्रदर्शन करने वाले एक आंगनबाड़ी सेविका एवं एक सहायिका को पुरस्कार दिया जाएगा।
लंबित आवेदनों एवं भुगतान को शून्य करने पर होगा ज़ोर: सप्ताह के दौरान लंबित आवेदनों एवं भुगतान को शून्य करने पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा। इसके लिए दूसरे एवं तीसरे क़िस्त हेतु योग्य लाभार्थियों से आवेदन प्राप्त कर प्रस्तावित तिथि को परियोजना स्तर पर पूर्णतः निष्पादित किया जाएगा। सप्ताह के दौरान होने वाली गतिविधियों को सोशल मीडिया पर भी प्रत्येक दिन अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।


सप्ताह को सफ़ल बनाने की तैयारी: आईसीडीएस के डीपीओ शम्स जावेद अंसारी ने बताया कि मातृ वंदना सप्ताह के पूर्व जिला स्तर पर विभिन्न तैयारियां शुरू की जाएगी। इसके लिए बाल विकास परियोजना पदाधिकारी परियोजन स्तर पर केयर, यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन, क्षेत्रीय कार्यकर्ता एवं अन्य स्टेकहोल्डर के साथ बैठक कर कार्य-योजना तैयार करेंगे। इस दौरान वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए माइकिंग, बैनर, पोस्टर एवं पम्पलेट इत्यादि का भी सहारा लिया जाएगा।

यह है योजना: इस योजना के तहत प्रथम बार माँ बनने वाली माताओं को 5000 रुपये की सहायक धनराशि दी जाती है, जो सीधे गर्भवती महिलाओं के खाते में पहुँचती है। इस योजना के तहत दी जाने वाली धनराशि को तीन किस्तों में दिया जाता है. पहली क़िस्त 1000 रुपये की तब दी जाती है जब गर्भवती महिला अंतिम मासिक चक्र के 150 दिनों के अंदर गर्भावस्था का पंजीकरण कराती है। दूसरी किस्त में 2000 रुपये गर्भवती महिला को गर्भावस्था के 6 माह पूरा होने के बाद कम से कम एक प्रसव पूर्व जाँच कराने पर दी जाती है। तीसरी और अंतिम किश्त में 2000 रुपये बच्चे के जन्म पंजीकरण के उपरांत एवं प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने के बाद प्रदान की जाती है।

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