स्वास्थ्य समाचार : सभी एएनएम को दी जाएगी सामान्य पैथोलॉजिकल जाँच प्रशिक्षण

अब एएनएम भी होंगी सामान्य पैथोलॉजिकल जाँच में दक्ष, सभी एएनएम को दी जाएगी प्रशिक्षण
• हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर होंगी 63 प्रकार की पैथोलॉजिकल जाँच सुविधाएँ उपलब्ध
• प्रशिक्षित लैब टेकनीशियन देंगे एएनएम को प्रशिक्षण
गोपालगंज: अब सामुदायिक स्तर पर भी लोगों को पैथोलॉजिकल जाँच के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। जिले के प्रखंड स्तर के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बनाये गए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही जाँच की सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इसके लिए एएनएम को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसको लेकर कार्यपालक निदेशक राज्य स्वास्थ्य समिति मनोज कुमार ने सभी सिविल सर्जन को पत्र लिखकर इसके संबंध में निर्देशित किया है।


63 प्रकार की पैथोलॉजिकल जाँच सुविधाएँ होंगी उपलब्ध:
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर एएनएम को सामान्य पैथोलॉजिकल जाँच के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। जिसमें हेमोग्लोबिन की जाँच, मलेरिया जाँच के लिए ब्लड स्लाइड बनना, एंटीजेन आधारित त्वरित मलेरिया जाँच, निश्चय किट से यूरिन प्रेगनेंसी टेस्ट, ग्लूकोमीटर से मधुमेह की जाँच, यूरिन डिपस्टिक से मधुमेह की जाँच, यूरिन डिपस्टिक से एल्ब्यूमिन की जाँच एवं एसिड फ़ास्ट बेसिली(एएफबी) के लिए स्पुटम कलेक्शन जैसे कुल 8 जाँच शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर 63 प्रकार के पैथोलॉजिकल जाँच भी उपलब्ध कराये जाने के संबंध में निर्देशित किया गया है।


लैब टेकनीशियन को दी जाएगी प्रशिक्षण:
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविन्द कुमार ने बताया कि इसके लिए सर्वप्रथम जिला अस्पताल में कार्यरत पैथोलोजिस्ट एवं स्टेट रिसोर्स यूनिट की सहायता से जिले में सभी कार्यरत लैब टेकनीशियन को जिला स्तर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान कराया जाएगा।
एएनएम को दी जाएगी प्रशिक्षण :
जिला स्तरीय लैब टेकनीशियन के प्रशिक्षण के बाद प्रखंड के सभी एएनएम को भी सामान्य पैथोलॉजिकल जाँच पर प्रशिक्षण प्रदान करायी जाएगी। जिला स्तरीय प्रशिक्षित लैब टेकनीशियन एएनएम को प्रशिक्षण देने का कार्य करेंगे।
रिफ्रेशर प्रशिक्षण पर भी होगा ज़ोर:
एएनएम को ट्रेनिंग देने के बाद भी मासिक बैठकों में उन्हें निरंतर रिफ्रेशर प्रशिक्षण प्रदान कराया जाएगा ताकि सभी एएनएम इन सभी जाँच एवं नमूना संग्रहण में तकनीकी रूप से दक्ष हो सकें। इससे एएनएम गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, प्रसवपूर्व जाँच एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों के दौरान दक्षता से जाँच करने में सक्षम हो सकेंगी।

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