गोपालगंज : अब पुराने तालाबों को मिलेगी संजीवनी, चलेगा अभियान

अब ग्रामीण इलाकों में बदहाली की मार झेल रहे तालाबों को नई संजीवनी मिलने की उम्मीदें बढ़ गई है। नए अभियान के तहत कुछ तालाबों को चिन्हित कर उसका जीर्णोद्धार किया जाएगा। इन तालाबों में साल के 12 माह तक लगातार पानी का स्तर सामान्य बनाए रखने के लिए विद्युत चालित पंप लगाए जाने की योजना है। ताकि तालाबों में कभी भी पानी की कमी जैसी समस्या पैदा नहीं हो। इस योजना पर जल्द ही कार्य प्रारंभ किए जाने की कवायद शुरू हो गई है।

जिले में प्रशासनिक स्तर पर प्रत्येक पंचायत में मनरेगा के तहत एक-एक नए तालाब व तालाब के आसपास के इलाके में पार्क बनाने की योजना के बाद अब पुराने तालाबों की स्थिति में सुधार की पहल शुरू की गई है। इसके तहत पुराने तालाबों को चिन्हित कर उसका जीर्णोद्धार किया जाएगा। इस योजना के तहत सबसे पहले तालाब को गहरा कर उसके चारों ओर ऊंचा मिट्टी का बांध बनाया जाएगा। अलावा इसके तालाब की सफाई से लेकर अन्य इंतजाम भी किए जाएंगे। इन तालाबों की देखरेख की जिम्मेदारी भी एक कमेटी को दी जाएगी। यही कमेटी तालाब के रख रखाव से लेकर अन्य कार्य करेगी। ताकि तालाब की जमीन का कोई भी व्यक्ति अतिक्रमण नहीं कर सके। ऐसे चिन्हित तालाबों की घेराबंदी कराए जाने की भी योजना प्रशासनिक स्तर पर तैयार की गई है।

पानी भरने के लिए लगेगा विद्युत चालित पंप

वैसे तालाब जिनका जीर्णोद्धार किया जा रहा है, वहां गर्मी के दिन भी पानी की कमी नहीं होगी। इसके तहत संबंधित तालाब के आसपास मोटर चालित पंप लगाए जाएंगे। पंप के सहारे ऐसे तालाब में गर्मी के दिन में पानी भरने की व्यवस्था होगी। ताकि इन तालाबों में सालों भर पानी भरा रह सके।

भव्य दिखेगा तालाब

पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार के दौरान इस बात का भी ख्याल रखने का निर्देश दिया गया है कि तालाब की भव्यता कहीं से भी कम नहीं दिखे। इसके लिए तालाब के चारों ओर पौधों को लगाने की भी योजना है। ताकि पेड़ की छाया के साथ पर्यावरण को भी स्वच्छ रखा जा सके।

 

प्रत्येक पंचायत में तालाब चयन का निर्देश

प्रत्येक पंचायत में ऐसे तालाबों के चयन के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। ताकि ऐसे तालाबों को चिन्हित करने के बाद उसके जीर्णोद्धार का कार्य वर्तमान वित्तीय वर्ष में ही प्रारंभ किया जा सके। इस कार्य से संबंधित पंचायत के मुखिया व वार्ड सदस्य की भी मदद लेने का निर्देश जारी किया है।

 

बदहाल हो चले हैं ग्रामीण इलाकों के तालाब

ग्रामीण इलाकों में स्थित पुराने तालाबों की बदहाल स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर तालाब का जीर्णोद्धार करने की पहल शुरू की गई है। ज्ञातव्य है कि जिले में वर्तमान समय में 3500 से भी अधिक तालाब मौजूद हैं। इनमें से कई तालाब का अस्तित्व ही वर्तमान समय में संकट में फंसा दिख रहा है। इसके पीछे असली कारण इनका लगातार हो रहा अतिक्रमण है।

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